दिल्ली के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है अरविंद केजरीवाल सरकार

ePatrakaar

नई दिल्ली से ईपत्रकार श्रवण शुक्ला। दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने पूरा जोर लगा दिया है। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में आने की जद्दोजहद कर रही है, तो बीजेपी 22 सालों से सत्ता का सूखा खत्म करने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस पार्टी दिल्ली में नए जोश के साथ पुराने मुकाम को हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है। इस बीच दिल्ली चुनाव को लेकर ई-पत्रकार श्रवण शुक्ला ने बातचीत की शर्मिष्ठा मुखर्जी से। शर्मिष्ठा मुखर्जी दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं तो दिल्ली में कांग्रेस के बड़े चेहरों में से एक हैं।

दिल्ली चुनाव को लेकर उनसे दिल्ली के हालात पर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में अरविंद केजरीवाल सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि पिछले पांच साल में दिल्ली का हाल बेहाल हो गया है। क्योंकि जो विकास शीला दीक्षित की सरकार ने 15 सालों में किया था, वो थम गया है। पिछले पांच सालों में दिल्ली को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी नूराकुश्ती कर रहे हैं। एक तरफ अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि केंद्र सरकार उन्हें काम नहीं करने दे रही है और दूसरी तरफ वो बोलते हैं कि हमने बहुत सारा काम किया है और वो काम बेमिशाल है। यो जो बातों में अंतर है, उसका केजरीवाल को जवाब देना होगा।

केजरीवाल जी पिछले पांच साल के अपने काम ही गिना दें। उन्होंने कितने नए फ्लाईओवर बनवाए बनवाएं। कितनी सड़कें बनवाईं और कितने स्कूल, अस्पताल बनवाए। अरविंद केजरीवाल बोल रहे हैं कि उनकी सरकार शिक्षा में बहुत परिवर्तन लाई है, लेकिन सरकारी आंकड़ें ही उनके दावों को झुठला रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों में डेढ़ लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों को छोड़कर प्राइवेट स्कूलों का रुख किया है। अगर शिक्षा को लेकर केजरीवाल सरकार ने अच्छा काम किया है, तो बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं? दसवीं के जिलल्ट को ही लें तो 2019 में 68 प्रतिशत बच्चे ही पास हुए हैं।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जोर देकर कहा कि केजरीवाल सरकार नौंवी और ग्यारहवीं के बच्चों को स्कूलों में फेल कर रही है। एक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक नौंवी और ग्यारहवीं में कमजोर बच्चों को फिल्टर कर दिया जाता है। और उन्हें पत्राचार के माध्यम से शिक्षा देने की बात कही गई, लेकिन उसमें भी सिर्फ 4 फीसदी बच्चे पास हुए। इस तरह से तो अरविंद केजरीवाल की सरकार बच्चों को शिक्षा से ही वंचित कर दे रही है, ताकि वो सिर्फ बढ़े हुए आंकड़ों को दिखाकर अपनी पीठ थपथपा सके।

उन्होंने स्वास्थ्य को लेकर बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को रोजगार मुहैय्या करा रही है वो भी मोहल्ला क्लीनिकों के माध्यम से। आम लोगों का इसमें कोई फायदा नहीं है। शर्मिष्ठा मुखर्जी जोर देकर कहती हैं कि मोहल्ला क्लीनिक एक बड़ा स्कैम है, जिसकी असलियत थोड़े समय में बाहर आ जाएगी। उन्होंने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि मोहल्ला क्लीनिक में एक डॉक्टर मरीजों को औसतन 45 सेकंड का समय दे रहा है। इतने कम समय में किस मरीज की जांच हो रही है और किस तरह से दवा भी लिखी जा रही है, ये सोचने वाली बात है।

 

सार्वजनिक परिवहन के साधनों पर शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अरविंद केजरीवाल सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने एक भी बस की खरीद नहीं की है और सिर्फ चुनावी समय में कुछ मार्शलों की तैनाती की है। उन्होंने मार्शलों की तैनाती को भी स्कैम करार दिया और सवाल उठाते हुए कहा कि क्या दिल्ली की बसों में तैनात मार्शल खुद की रक्षा कर पाने में सक्षम हैं? क्योंकि उन्हें सेल्फ डिफेंस तक नहीं आता। वो महिलाओं की रक्षा कैसे करेंगे? इस स्कीम से भी सिर्फ अपने वालंटियर्स को ही केजरीवाल सरकार रोजगार दे रही है। ये पैसे किस मद में खर्च किए जा रहे हैं, क्या इसके लिए कोई ओपन वैकेंसी निकाली गई ?

 

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके उचित प्रतिनिधित्व के लिए ही कांग्रेस पार्टी ने सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। उन्होंने इसी कड़ी में कहा कि आर के पुरम से कांग्रेस ने प्रियंका सिंह को टिकट दिया है। वो अपने क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में जुटी रहने वाली महिला हैं और उन्होंने निचले तबके के लोगों को लिए काफी काम किया है। ऐसे में ये जनता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वो सही कैंडिडेट को जिताकर विधानसभा में भेजे, ताकि आधी आबादी का पूरा प्रतिनिधित्व किया जा सके।

बता दें कि शर्मिष्ठा मुखर्जी देश के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न श्री प्रणब मुखर्जी की बेटी हैं। इस समय में दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष होने के साथ ही लंबे समय से कांग्रेस की प्रवक्ता भी हैं। शर्मिष्ठा मुखर्जी को महिला अधिकारों को लेकर मुखर माना जाता रहा है और वो महिलाओं के मुद्दे पर अक्सर विरोध प्रदर्शनों में भी हिस्सा लेती देखी जा सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बस कंडक्टर ने रचा इतिहास, क्लियर किया UPSC-मेन्स एग्जाम

बेंगलुरु। बस कंडक्टर रजनीकांत आज क्या हैं, वो किसी को बताने की जरूरत नहीं है। अब बेंगलुरू के एक सरकारी […]