वित्तीय संकट में दुनिया का सबसे अमीर बालाजी मंदिर नीलाम करेगा 23 संपत्तियां, बीजेपी ने किया विरोध

Ashu Yadav

एस्टेट ऑफिसर वी देवेंद्र रेड्डी ने कहा है कि इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है. यह संपत्ति भक्तों द्वारा मंदिर को उपहार में दी गई थी.

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बालाजी मंदिर नीलाम करेगा 23 संपत्तियां

कोरोना का अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और इससे दुनिया का सबसे अमीर मंदिर तिरुपति देवस्थानम भी अछूता नहीं रहा है. मंदिर प्रशासन ने इसलिए ने तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में स्थित 23 संपत्तियों की नीलामी करने का फैसला किया है.

एस्टेट ऑफिसर वी देवेंद्र रेड्डी ने कहा है कि इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है. यह संपत्ति भक्तों द्वारा मंदिर को उपहार में दी गई थी.

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर का प्रबंधन करने वाले बोर्ड ने नीलामी करने के लिए दो समितियां का गठन किया है. इन संपत्तियों में तमिलनाडु के विभिन्न जिलों की जमीन भी शामिल है . तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर की जमीनें न केवल आंध्र प्रदेश में बल्कि कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, पांडिचेरी, हरियाणा और ओडिशा में भी जमीनें शामिल हैं.

मंदिर की कुल संपत्ति का अनुमान हजार करोड़ रुपये से अधिक लगाया जा रहा हैं. मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा है कि जिन संपत्तियों की नीलामी के लिए प्रस्तावित किया गया है वे कृषि भूमि, मकान स्थल और भक्तों द्वारा खाली की गई भूमि हैं लेकिन ये संपत्ति मंदिर प्रशासन के लिए अचल संपत्ति हैं और इसी के साथ अध्यक्ष ने एक आधिकारिक नोट भी जारी किया है जिसमें तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की 50 अचल संपत्ति को नीलाम करने का निर्णय लिया गया है, जो भूमि अयोग्य हैं और उपयोगी नहीं हैं.

बोर्ड के अध्यक्ष वाई वी सुब्बारेड्डी ने भगवान बालाजी के भक्तों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया में झूठी खबरों और अफवाहों पर भरोसा न करें की भगवान की संपत्ति अवैध रूप से बेची जाती है.

इस बीच भाजपा के अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण ने संपत्तियों की बिक्री के खिलाफ चेतावनी दी है और साथ मांग की कि नीलामी के विचार को छोड़ दे क्योंकि इससे लाखों भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी .अगर यह मंदिर की संपत्ति बेचने के कदम के साथ आगे बढ़े तो इन्हे सार्वजनिक आंदोलन का सामना करना पड़ेगा . उन्होंने कहा कि सरकार हिंदू भक्तों की भावनाओं के साथ खेल रही है और हिंदू धर्म को कमजोर करने की कोशिश कर रही है संपत्ति नीलाम की जाती है तो हम चुप नहीं रहेंगे.

पहाड़ी मंदिर हर दिन 50,000 से एक लाख तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है और वार्षिक ब्रह्मोत्सवम और त्योहारों जैसे विशेष अवसरों पर संख्या 4-5 लाख तक जाती है और साथ में भक्त सोने और चांदी के आभूषण, संपत्ति उपहार के रूप में दान करते हैं.

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