हिंद महासागर में भारत पीछे, चीन ने समंदर में उतार दिया शैतान!

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हिंदुस्तान दुनिया में सबसे अलग देश है। राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हम कश्मीर में सैनिकों की तैनाती देख लेते हैं। कुछ गिनती के राफेल आ जाने से खुश हो लेते हैं या फिर अपाचे, चिनूक को देखकर हम खुद को अजेय समझने का भ्रम पाल लेते हैं। इधर भारत सरकार अपनी सेना की बेसिक जरूरतें ही पूरी नहीं कर पा रही है, तो उधर हिंदुस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके चीन ने समंदर में एक बड़े राक्षस को उतार दिया है। जी हां, राक्षस यानि शैतान। नाम है शैंडोंग। ये शैतान सिर्फ हिंदुस्तान के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि चीन के अन्य पड़ोसी मुल्कों मलेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और ताईवान के साथ ही जापान के लिए भी खतरा है।

 

अगर आप इस शैतान से वाकिफ नहीं हैं, तो हम बताते हैं कि शैंडोंग है क्या और क्यों हमें इससे डरना चाहिए।

1- शैंडोंग समंदर के अंदर चलता फिरता सैन्य अड्डा है। सीधे शब्दों में कहें तो ये एक एयरक्राफ्ट कैरियर यानि विमानवाहक पोत है। जिसपर हम समय करीब 40 की संख्या में फाइटर जेट तैनात रहेंगे। जिनपर लदी हुई मिसाइलों के दम पर शैंडोंग बेहद खतरनाक शैतान बन जाता है।

2- शैंडोंग चीनी नौसेना का दूसरा विमानवाहक पोत यानि एयरक्राफ्ट कैरियर है। ये करीब करीब पूरी तरह से स्वदेशी है। वहीं भारत के पास अभी सिर्फ एक ही एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो शैंडोंग से छोटा भी है, साथ ही पुरानी तकनीकी का भी है। क्योंकि भारत के पास जो एयरक्राफ्ट कैरियर है, उसी श्रेणी का एयरक्राफ्ट कैरियर चीन के पास पहले से है।

3- ये एयरक्राफ्ट कैरियर पारंपरिक उर्जा यानि डीजल से चलता है, लेकिन इसके दम पर चीन अब दुनिया की चुनिंदा नौसैन्य शक्तियों में शामिल हो चुका है। भारत का दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर अगले 5 सालों में नौसेना में शामिल होगा, तबतक चीन का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी बन चुका होगा।

शैंडोंग की कमिशनिंग के समय की तस्वीर। 19 दिसंबर, 2019

 

चीन मौजूदा समय में अपनी सेना को बेहद तेज गति से मजबूत कर रहा है, तो भारत इस मामले में अपेक्षाकृत काफी पिछड़ा नजर आता है। हालात ये हैं कि भारत के पास अपने इकलौते एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनाती के लिए पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट्स नहीं हैं, तो इंडियन नेवी के लिए सबसे जरूरी माइन स्वीपिंग फैसिलिटी वाले जहाज तक है। ऐसे में अगर चीनी नौसेना ने कभी भी हिंद महासागर में जाल बिछाया, तो हमारा फंसना तय है।

चीन के पास पहले से मौजूद एयरक्राफ्ट कैरियर- लाओनिंग

 

शैंडोंग की खासियत-

1- शैंडोंग पूरी तरह से तैनाती की सूरत में 50 हजार टन वजनी है। इसकी लंबाई 315 मीटर और ऊंचाई 71 मीटर है।

2- शैंडोंग पर करीब 17 मिसाइल तैनात हैं।

3- शैंडोंग की औसत गति 57 किमी प्रतिघंटा है। ये 31 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार है, जो काफी है।

4- शैंडोंग पर 38-40 फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर की तैनाती है। जिसमें चेंगदू 15 प्रमुख है।

5- अगले कुछ समय में चीन का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी समंदर में उतर जाएगा।

 

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