चीन ने योजनाबद्ध तरीके से किया था भारतीय सैनिकों पर हमला

Sushmit Sinha

15 जून को एक खबर आई की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। खबर आते ही देश में हाहाकार मच गया मचना भी चाहिए भारत के लाल शहीद हुए थे। लोगों में गुस्सा था सरकार से जवाब मांगे जा रहे थे। जिसके बाद प्रधानमंत्री को खुद आकर यह कहना पड़ा की भारत अपने सैनिकों की शहादत बर्बाद नहीं जाने देगा।

बहरहाल फिलहाल खबर चीन से आई है जिसमें चीन के एक सरकारी मीडिया हाउस के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि चीन भारतीय जवानों पर एक साजिश के चलते पूरे योजना के साथ हमला किया था।

चीन का मीडिया बता रहा है कि 15 जून को गलवान हिसंक झड़प से पहले चीन ने अपने सैनिकों को प्रशिक्षण दिया था। चीन ने अपनी सीमा पर तैनात सेना के जवानों को मार्शल आर्ट सिखाने के लिए मार्शल आर्टिस्ट और एक्सपर्ट माउंटेन क्लाइंबर भेजे थे. इन लोगों में तिब्बत के एक मार्शल आर्ट क्लब के लड़ाके भी शामिल थे। चीन के मीडिया ने ये भी बताया कि चीनी सैनिकों को फुर्तीला बनाने के लिए इन लोगों को भेजा गया था।

‘चाइना नेशनल डिफेंस न्यूज’ चीन का मिलिट्री न्यूज़पेपर है। इस न्यूज़ पेपर के अनुसार तिब्बत की राजधानी ल्हासा में चीन सरकार द्वारा पांच मिलिशिया डिवीजन नियुक्त किये गए थे। इनमें माउंट एवरेस्ट टॉर्च रिले टीम के पुराने मेंबर और मार्शल आर्ट क्लब के लड़ाके शामिल थे। माउंट एवरेस्ट टॉर्च रिले टीम के लोगों को पहाड़ों पर काम करने की ट्रेनिंग मिली होती है और मार्शल आर्टिस्ट खतरनाक किस्म के लड़ाके होते हैं।

आपको बताते चलें की भारत भी अपनी ओर से पूरी तैयारी कर रहा है। पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद में भले ही तनाव में थोड़ी कमी आई है और दोनों पक्षों के बीच कई स्तर पर बातचीत चल रही है लेकिन दोनों ही तरफ से हथियारों और सेनाओं की संख्या में बढ़ोतरी जारी है। एक तरफ जहां चीन लगातार एलएसी पर घेराबंदी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ भारत भी चीन को हल्के में नहीं ले रहा है और फॉरवर्ड पोस्ट पर सेना को मजबूत कर रहा है।
वास्तविक नियंत्रण रेखा के उसपार चीन ने अपनी वायुसेना को तैनात कर रखा है। हाल के दिनों में चीन के सर्विलांस एयरक्राफ्ट सीमा के बेहद करीब तक उड़ते देखे गए हैं। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वायुसेना पर नजर रखने और किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना ने भी अब मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है।

अब पूरे सेक्टर में एडवांस्ड क्विक रिएक्शन वाली सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद है जो पीएलएएफ के किसी भी फाइटर जेट को कुछ ही सेकेंड्स में तबाह कर सकता है। पिछले दो हफ्तों में चीनी वायुसेना ने सुखोई-30 और अपने स्ट्रेटजिक बॉम्बर्स को एलएसी के पीछे तैनात किया है। उन्हें एलएसी के पास 10 किलोमीटर के दायरे में उड़ान भरते देखा गया है। जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती का फैसला हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

डीयू की ऑनलाइन परीक्षा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, 3 जुलाई को होगी सुनवाई

दिल्ली विश्वविद्यालय के एम.ए अंतिम वर्ष के एक छात्र ने डीयू की ऑनलाइन परीक्षा OBE को रद्द करने की माँग […]

You May Like