कोरोना संक्रमण बढ़ने का खौफ, ऑपरेशन्स को लेकर पशोपेश में रेलवे!

Anchal Shukla

संक्रमण का भी हो सकता है फैलाव :-

अंतिम फैसला 15 अप्रैल से रेलवे परिचालन पर 11 से 14 अप्रैल के बीच लिया जाएगा क्योंकि रेलवे को भयंकर भीड़ का है डर है, जिससे संक्रमण का भी हो सकता है फैलाव।

Img 20200405 Wa0011
                    Img 20200405 Wa0011

15 अप्रैल के आगे की बुकिंग बंद नहीं किया गया था पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया है लेकिन ट्रेनें चलेंगी या नही इसका फैसला आना बाक़ी है।

सोशल मीडिया पर लगातार चल रही ट्रेनों और हवाई जहाजों के बहाली की खबर पर रेलवे और विमानन कंपनियां खुद ही असमंजस में है क्योंकि उन्हें भी अपने मंत्रालयों से परिचालन को लेकर अंतिम फैसला का इन्तजार है जो कि इस महीने 11 से 14 अप्रैल के बीच लिया जाना है।रेलवे ने इस बीच आधिकारिक रूप से आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की भी अपील की है। कोरोना वैश्विक संक्रमण के चलते पूरे देश में 14 अप्रैल तक संपूर्ण रूप से लॉक डाउन घोषित है। ऐसे में ट्रेनों को 15 अप्रैल से चलने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है न ही हवाई जहाजों के संचालन पर अभी निर्णय नहीं आया है।

15 अप्रैल से ट्रेनों के शुरू होने और बुकिंग नए सिरे से शुरू होने की सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को पश्चिम रेलवे ने भास्कर से बात करते हुए खंडन किया है। पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ रविंद्र भाकर ने भास्कर को जानकारी देते हुए बताया कि 15 अप्रैल से ट्रेनों के शुरू होने को लेकर हमें बोर्ड की ओर से कोई परिपत्र नहीं मिली है और बात रही बुकिंग की तो रेलवे ने लॉक डाउन यानि 14 अप्रैल तक ही बुकिंग बंद की थी। आईआरसीटीसी पर 15 अप्रैल की बुकिंग पहले से ही शुरू थी लेकिन 15 अप्रैल से ट्रेनों को चलाने को लेकर रेलवे मंत्रालय आने वाले दिनों में संक्रमण की ताजा स्थिति को देखकर 11 से 14 के बीच बैठक कर हमें अधिकारी जानकारी देगी तभी हम अपनी ओर से इसकी पुष्टि करेंगे। लगातार रेक की मेंटेनेंस हो रही है साथ ही तमाम परिचालनिक उपकरणों की मरम्मत हो रही है ये रूटीन प्रक्रिया के तहत हो रही है। लोग धैर्य बनाए रखे पैनिक न हो।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर 15 तारीख को ट्रेन चलती भी है तो हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती भयंकर भीड़ की होगी। यह भीड़ अनिंयंत्रित हो सकती है। क्योंकि लोग लगातार लॉक डाउन से जहां के तहँ फंसे हुए है ऐसे में ट्रेन शुरू होते ही सबसे पहले अपने अपने घरों का रुख करेंगे। इसको लेकर उच्च स्तर की तैयारियां रेलवे को करनी पड़ेगी साथ ही संक्रमण का भी खतरा रहेगा। लिहाजा रेलवे बोर्ड इन दृष्टिकोण से 11 से 14 अप्रैल के बीच बैठक कर ट्रेनों के परिचालन आगे बढ़ाने है या नहीं इसपर निणर्य लेगी।

कोरोना संक्रमण के चलते पश्चिम रेलवे को पूरे मार्च महीने में कुल 207. 11 करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि 1 से 3 अप्रैल के ही बीच 42. 87 करोड़ का नुक्सान हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

लॉकडाउन के कारण गांव में फंसीं रतन राजपूत, ‘कबाड़ से जुगाड़’ कर के रहने को मजबूर

टीवी की पॉप्युलर ऐक्ट्रेसेस रतन राजपूत लॉकडाउन के कारण एक गांव में फंस गईं और वहां वह काफी दिक्कतों का […]
Img 20200406 Wa0007