अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना संक्रमण की वजह से H1B वीजा पर रोक लगाई

Virasani Singh

आज पूरा विश्व एक बार फिर कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच आर्थिक मंदी से भी जूझने के कगार पर हैं.सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी लॉक डाउन की वजह से आर्थिक नुकसान की भरपाई  करने में असमर्थ हो रही हैं.अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना संक्रमण की वजह से अमेरिका की  आर्थिक व्यवस्था को हुए नुकसान और बढ़ती हुई बेरोजगारी की वजह से अन्य देशों के नागरिकों(खासतौर से भारतीय ) को इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने के लिए मिलने वाले H1B वीजा के टाइप पर रोक लगा दी हैं.

इसकी वजह उन्होंने ये बताई हैं की अन्य देशों के लोगों की वजह से अमेरिका के स्थानीय नागरिकों को जॉब नहीं मिल पाती हैं.व्हाइट हाउस के प्रवक्ता होगन गिदैन ने बताया हैं कि बड़ी संख्या में आर्थिक विशेषज्ञ कैरियर और जॉब के सभी विकल्पों पर रिसर्च करके रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं.लेकिन अमेरिकी श्रमिकों और नौकरी की सुरक्षा चाहने वालों के लिए अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से भारतीय आईटी पेशेवरों की नौकरियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना लाजमी हो गया हैं.वैसे भी बड़ी संख्या में लोग कोरोना महामारी की वजह से अपनी नौकरियां गवां चुके हैं.H1B  वीजा के साथ अल्पकालिक श्रमिक वीजा H2B पर भी रोक लगाई जा सकती हैं.इसी बीच कॉमर्स चेम्बर ऑफ़ अमेरिका के सीईओ थॉमस ने डोनाल्ड ट्रम्प को लिखे अपने पत्र में उनके इस कदम के लिए चिंता जाहिर की हैं.

अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारीयों के अनुसार 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले वित्तीय सत्र में  निलंबित H1Bवीजा के मुद्दे को विस्तारित किया जा सकता हैं.क्योंकि उसी सत्र में और भी नए वीजा जारी किये जाते हैं.

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