“एक साल की देरी हो सकती है भारतीय जनगणना में”

Janardan Yadav

 रूपम वर्मा,एमजेएमसी,दिल्ली 

                        भारत में जनगणना के काम दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक व सांख्यकीय ड्रिल है।तकरीबन 30 लाख से अधिक कर्मचारी लगाए जाते हैं।जनगणना के पहले और राहतरिय जनसंख्या रजिस्टर(एनपीआर) में सुधार के काम में एक साल की देरी हो सकती है।कोरोना महामारी के चलते अप्रैल से शुरू होने वाली प्रक्रिया को टाल दिया गया है।विश्व महामारी को देखते हुए जनगणना आवश्यक कार्य नहीं रह गया है।अगर इसमें देरी भी होती है तो कुछ नुकसान नहीं होगा।पहले चरण में एनपीआर का काम कब प्रारम्भ होगा इसके लिए अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।परन्तु इस समय इन दोनों  काम का होना असंभव ही है।

                 दो चरणों मे पूरा होने वाली जनगणना के पहले भाग घरों और मवेशियों की गिनती का काम एक अप्रैल से 30 सितंबर तक पूरा होना था,लेकिन भारत के सभी प्रान्तों में हालात ही ऐसे बने कि लगातार अवरोध ही रहा।

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