यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए ये कदम उठा सकती है रेलवे, सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा खास ध्यान

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रेलवे ने सुझाव में रखा कि अगर ट्रेनें चलेंगी तो इनका ठहराव हॉट स्पॉट पर नही किया जाएगा।इसके लिए एसीपी(ऑटो चैन पुलिंग सिस्टम) डिसकनेक्ट किया जाएगा।

नई दिल्ली। कोरोना वैश्विक महामारी के चलते देश भर लॉक डाउन के कारण एक्सप्रेस और मेल ट्रेनो का परिचालन 14 अप्रैल तक रद्द है। 15 अप्रैल से ट्रेनें चलेंगी या नही इसको लेकर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। इस क्रम में रेलवे बोर्ड लगातार कई सुझाव पर बैठक कर रही है। मंगलवार और बुधवार को बोर्ड द्वारा सभी रेल ज़ोन के विभागाध्यक्ष के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिन कर बैठक हुई जिसमें अगर 15 तारीख से ट्रेनें बहाल होती है तो सोशल डिस्टेंस दुरुस्त करने के लिए क्या जरूरी कदम उठाए जाने है इसपे कई अहम सुझावों पर बात की है। हालांकि अभी इन सुझावों पर अमल तभी किया जाएगा जब ट्रेनों के चलने पर कोई अंतिम निर्णय 11 से 14 अप्रैल के बीच आ जाएगा। इन सुझावों का अप्रूवल होना अभी बाकी है ।

रेल परिचलनिक दृष्टि से तीन अलग अलग ज़ोन में बंटेगा एरिया

 

14 अप्रैल के बाद अगर ट्रेनें चलाने पर सहमति हुई तो इसके लिए देश को कोरोना पॉजिटिव केस के आधार पर रेड येल्लो और ग्रीन जोन में बांटने की तैयारी है।जिसमें रेड ज़ोन में ट्रेनें पूरी तरह से नही चलेंगी।जबकि येलो जोन में ट्रेनें जरूरत के हिसाब से समिति चलेंगी जबकि ग्रीन जोन में रेल सर्विस पूरी तरह से बहाल रहेगी।

 

सोशल डिस्टेंस के लिए ये बड़े कदम

 

अधिकारियों ने सुझाव में रखा कि अगर ट्रेनो की बहाली होती है तो कोरोना कंट्रोल के लिए सोशल डिस्टेंस अहम है ।इस दिशा में ट्रेनो के एसी और स्लीपर कोच में मिडल बर्थ की बुकिंग पूरी तरह बन्द होगी।यानी लोअर और अपर बर्थ ही यात्रियों को अलॉट किये जाएंगे।साथ ही कोरोना के पूरी तरह से थमने तक ट्रेन में यात्रियों को न पेंट्री का खाना और न ही बिस्तर दिया जाएगा।इसके अलावा सीट टू सीट ही यात्री आ जा सकेंगे जिसका मतलब यह है कि वेटिंग यात्री मान्य नही होंगे ।

 

पहले केवल स्पेशल ट्रेनें, शेड्यूल ट्रेनें रद्द रहेंगी

 

सुझाव में बताया गया कि इस सक्रंमण के चलते सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए अभी सिर्फ स्पेशल और प्रीमियम ट्रेनें ही चलाई जाएंगी जबकि शेड्यूल ट्रेनें पूरी तरह रद्द ही रखी जाएंगी। स्टेशन के सभी पॉइंट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य होगा। साथ ही 60 वर्ष के ऊपर के यात्रा के लिए मान्य नही होंगे.

 

मास्क नही पहनने पर देना पड़ सकता है जुर्माना

संक्रमण से बचाव के लिए रेलवे एक बड़ा कदम उठा सकती है जिसमे रेल यात्रा के दोरान अगर यात्री मास्क नही पहना है तो उसे उचित जुर्माना देना पड़ सकता है साथ ही ट्रेनो में अनारक्षित यात्रा भी नही हो सकेगी।और यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध ट्रेस होता है तो उसे क्वारंटाइन भेजा जा सकता है।

 

30 अप्रैल तक यहां लागू हो किया जा सकता है रेड ज़ोन

 

रेलवे ने सुझाव के दौरान बताया कि अभी जो हालात है उसमे कोरोना केस के हिसाब से कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, सिकन्द्राबाद, चेन्नई और बेंगलुरु रेड जोन में होंगे जहां 30 अप्रैल तक रेल सेवा और यात्रा की गुंजाइश फिलहाल नहीं है।

हॉट स्पॉट पर नही रुकेंगी ट्रेनें

रेलवे ने सुझाव में रखा कि अगर ट्रेनें चलेंगी तो इनका ठहराव हॉट स्पॉट पर नही किया जाएगा।इसके लिए एसीपी(ऑटो चैन पुलिंग सिस्टम) डिसकनेक्ट किया जाएगा।ताकि ट्रेनों की बेवजह चैन पुलिंग भी न हो सके ।

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