जैश ए मोहम्मद के आतंकी के खिलाफ चार्जशीट तक दाखिल नहीं कर पाई एनआईए, मचा सियासी घमासान

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जैश ए मोहम्मद से जुड़े आतंकी को एनआईए अंजाम तक नहीं पहुंचा पाई। न तो उसके खिलाफ एनआईए सबूत जुटा पाई, न ही चार्जशीट दाखिल कर पाई। जिसके बाद कोर्ट ने उसे पचास हजार के बेल बांड पर जमानत दे दी। इस आरोपी का नाम यूसुफ चोपन है और उसे यूएपीए कानून के तहत पकड़ा गया था।

नई दिल्ली से श्रवण शुक्ला। जैश ए मोहम्मद से जुड़े आतंकी को एनआईए अंजाम तक नहीं पहुंचा पाई। न तो उसके खिलाफ एनआईए सबूत जुटा पाई, न ही चार्जशीट दाखिल कर पाई। जिसके बाद कोर्ट ने उसे पचास हजार के बेल बांड पर जमानत दे दी। इस आरोपी का नाम यूसुफ चोपन है और उसे यूएपीए कानून के तहत पकड़ा गया था। अब इस मामले में मुख्य आरोपी सज्जाद अहमद खान के साथ ही अन्य आरोपियों को भी राहत मिल जाएगी। इस खबर के मीडिया में गलत तरीके से आने के बाद राजनीतिक कोहराम भी मच गया। दरअसल यूसुफ चोपन को पहले पुलवामा हमले से जुड़ा आतंकी बताया जा रहा था, लेकिन एनआईए ने बाद में इसमें सफाई दी।

एनआईए कोर्ट के जज प्रवीण सिंह ने जैश से जुड़े इस मामले को लेकर एनआईए को फटकार भी लगाई। उन्होंने साफ कहा कि एनआईए के पास न तो अभी सबूत हैं और न ही वो यूसुफ चोपन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर पाई है। चूंकि यूसुफ चोपन 180 दिन से अधिक जेल में बिता चुका है, तो उसे और जेल में नहीं रखा जा सकता। इसलिए एनआईए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।

 

इस मामले में सज्जाद अहमद खान को मुख्य आरोपी बताया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि उसे और उसके साथियों को भी राहत मिल जाए। हालांकि कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाए और एनआईए अपनी जांच जल्द पूरी करे।

 

कांग्रेस ने पुलवामा हमले से जोड़े तार, गलत निकली जानकारी

 

यूसुफ चोपन को जमानत मिलने के बाद एनएसजी के कमांडो रहे और फिर कांग्रेस नेता बने पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘पुलवामा उग्रवादी हमले के दोषी को ज़मानत, क्योंकि ‘नैशनल इन्वेस्टीगेशन एजेन्सी’(NIA) ने न तो सबूत इकट्ठे किए और न ही आरोपपत्र दायर किया। पुलवामा हमले पर राजनीतिक रोटियाँ सेक ली, सरकार भी बना ली, अब देश व शहीदों के बलिदान की मोदी सरकार को कहाँ परवाह! ये देश द्रोह नही तो क्या है?’

 

कमल किशोर कमांडो ने जमानत के आदेश की कॉपी को भी ट्विटर पर पोस्ट किया। इस तरह के आरोप रणदीप सुरजेवाला ने भी लगाए थे, लेकिन मामला गलत निकला।

कांग्रेस के आरोप गलत, एनआईए ने यूसुफ चोपन को दूसरे मामले का बताया आरोपी!

कांग्रेस के गंभीर आरोप पर एनआईए ने भी स्पष्टीकरण जारी किया। एनआईए ने कहा, ‘कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कहा जा रहा है कि स्पेशल एनआईए कोर्ट (नई दिल्ली) ने पुलवामा हमले के आरोपी यूसुफ चोपन को जमानत दे दी है। यह स्पष्ट किया जाता है कि यूसुफ चोपन कभी भी पुलवामा केस में आरोपी नहीं था। एनआईए ने आगे कहा, ‘यूसुफ और छह अन्य लोगों के साथ जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर साजिश करने के आरोप में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इसमें आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। जांच के दौरान जैश के सात आदमी गिरफ्तार किए गए। सबूतों के अभाव में यूसुफ के खिलाफ चार्जशीट फाइल नहीं की गई। इसलिए यूसुफ को जमानत दे दी गई।’ एनआईए के मुताबिक, एनआईए कोर्ट ने 12 फरवरी 2020 को यूसुफ को जमानत दी थी। हालांकि, पुलवामा के डीएम के आदेश पर पब्लिक सेफ्टी ऐक्ट (पीएसए) के तहत यूसुफ को कोट भगवाल जेल में भेज दिया गया है। एनआईए ने यह भी कहा है कि वह पारदर्शी और ईमानदार जांच प्रक्रिया अपनाती है।

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सी०आर०पी०एफ० के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 45 भारतीय सुरक्षा कर्मियों की जान गयी थी। यह हमला जम्मू और कश्मीर के पुलवामा ज़िले के अवन्तिपोरा के निकट लेथपोरा इलाके में हुआ था। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित इस्लामिक आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने ली। हालांकि, पाकिस्तान ने हमले की निंदा की और जिम्मेदारी से इनकार किया।

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