कोरोना संकट पर मुख्यमंत्रियों संग बैठक में बोले प्रधानमंत्री मोदी बोले- हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर बल देना होगा

Ashu Yadav

मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, इंफॉर्मेशन सिस्टम, इमोशनल सपोर्ट और पब्लिक पार्टिसिपेशन पर इसी तरह निरंतर बल देना होगा.

Informative
मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक

नई दिल्ली:-देश में कोरोना वायरस का कहर प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और अब तो देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 3.5 लाख के पार हो गया है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार आज दूसरे दिन 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की.

कोरोना वायरस पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन विवाद पर बात की और सभी जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी ने साफ किया कि भारत वैसे शांति चाहता है लेकिन किसी के उकसाने पर उचित जवाब देना जानता है.

पीएम मोदी ने कहा है कि शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं. मैं शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जवानों और उनके परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ है, स्थिति कुछ भी हो देश आपके साथ है। मोदी ने आगे कहा कि भारत अपने स्वाभिमान और हर एक इंच जमीन की रक्षा करेगा.

इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा है कि अनलॉक-1 के बाद ये हमारी पहली मुलाकात है. देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनलॉक-1 के अनुभवों पर कल मेरी विस्तार से चर्चा हुई है और ये वास्तविकता है कि कोरोना का फैलाव कुछ बड़े राज्यों, बड़े शहरों में अधिक है. कुछ शहरों में अधिक भीड़, छोटे-छोटे घर, गलियों-मोहल्लों में फिजिकल डिस्टेंसिंग की कमी, हर रोज हजारों लोगों की आवाजाही, इन बातों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है.

इस बैठक में मोदी ने कहा है कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और यह संभव तब होगा जब हर जनता को उचित कोरोना उपचार मिलेगा. इसके लिए हमें टेस्ट पर जोर देना होगा ताकि हम संक्रमित व्यक्ति की समय पर जांच करके उसका पता लगा सकें और उसे आइसोलेट कर सकें.

कोरोना संक्रमण से मुक्त होने वालों की संख्या एक्टिव केस से ज्यादा

नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण से मुक्त होने वालों की संख्या एक्टिव केसों से ज्यादा है. तीन महीने पहले पीपीई के लिए, डायग्नोस्टिक किट्स के लिए सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया के अनेक देशों में हाहाकार मचा हुआ था क्योंकि हमारे पास भारत में बहुत लिमिटेड स्टॉक था और हम पूरी तरह आयात पर निर्भर थे, लेकिन आज स्थिति ये है कि पूरे देश में एक करोड़ से अधिक पीपीई और इतने ही एन-95 मास्क राज्यों तक पहुंचाए जा चुके हैं.अब तो देश में हमारे पास डायग्नोस्टिक किट्स का पर्याप्त स्टॉक है और इनकी प्रॉडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है और अब तो पीएम-केअर्स फंड के तहत भारत में ही बने वेंटिलेटर की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है.

देश का हर नागरिक कोरोना वायरस को लेकर सचेत और जागरूक

पीएम मोदी ने कहा कि समय पर उठाए गए सही कदमों के कारण हम सभी इस बड़े खतरे का मुकाबला कर पाए हैं और आज पूरे देश में कोरोना की 900 से ज्यादा टेस्टिंग लैब हैं, लाखों कोविड स्पेशल बेड हैं, हजारों आइसोलेशन सेंटर्स हैं और कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई भी है. सबसे बड़ी बात यह हैं कि आज देश का हर नागरिक इस कोरोना वायरस के प्रति पहले से ज्यादा सचेत और ज्यादा जागरूक हुआ है और ये सब कुछ राज्य सरकारों के सहयोग और स्थानीय प्रशासन के दिन-रात काम करने की वजह से ही संभव हो पाया है.

पीएम मोदी ने कहा है कि हर देशवासी के संयम, अनेक जगहों पर प्रशासन की तत्परता और हमारे कोरोना योद्धाओं के समर्पण की वजह से हमने हालात को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया है और समय पर ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट के कारण हमारे यहां कोरोना संक्रमण से रिकवर होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, इंफॉर्मेशन सिस्टम, इमोशनल सपोर्ट और पब्लिक पार्टिसिपेशन पर इसी तरह निरंतर बल देना होगा.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दो-तीन महीने में काफी संख्या में क्वारनटीन और आइसोलेशन सेंटर्स का निर्माण हुआ है और इसकी गति बढ़ानी होगी ताकि कहीं पर भी मरीजों को बेड की दिक्कत न आए. कोरोना के इस टाइम में टेलेमेडिसिन का महत्व भी बहुत बढ़ गया है, चाहे वो होम क्वारनटीन हों या आइसोलेशन में रह रहे साथी हों, या फिर दूसरी बीमारियों से पीड़ित हों, सभी को टेलेमेडिसिन का भी लाभ मिले, इसके लिए हमें अपने प्रयास बढ़ाने होंगे.

आरोग्य सेतु ऐप के सकारात्मक परिणाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन राज्यों में आरोग्य सेतु ऐप ज्यादा डाउनलोड हुआ है, वहां सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं. हमें लगातार कोशिश करनी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे डाउनलोड करें. हमें ये भी ध्यान रखना है कि अब देश में धीरे-धीरे मॉनसून आगे बढ़ रहा है. इस सीजन में जो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनसे निपटना भी बहुत जरूरी है, वरना वो बहुत बड़ी चुनौती बन सकती हैं.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि में ये भी ध्यान रखना है कि हमारी सभी हेल्पलाइन्स हेल्पफुल हों, हेल्पलेस नहीं, जैसे कि- हमारे मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ हॉस्पिटल में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, वैसे ही हमें सीनियर डॉक्टर्स की बड़ी टीमें तैयार करनी होंगी जो टेलेमेडिसिन के माध्यम से बीमारों को गाइड कर सके, उन्हें सही इंफॉर्मेशन दे सके. इसके अलावा हमें यंग वॉलेंटियर्स की फौज भी जुटानी होगी जो पब्लिक के लिए प्रभावी रूप से हेल्पलाइन चला सकें.

मोदी ने कहा कि जो हमारे कोरोना वारियर्स हैं, हमारे डॉक्टर हैं, दूसरे हेल्थ वर्कर्स हैं, उनके लिए भी जरूरी सुविधाओं को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए. उनकी हर स्तर पर देखरेख करना, ये हम सभी का, पूरे राष्ट्र का दायित्व है. हमें अपने लोगों को ये विश्वास दिलाना है कि कोरोना को परास्त करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है और ये तेजी से बढ़ भी रही है. इसलिए किसी को कोरोना हो भी गया है, तो वो घबराए नहीं.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनेक राज्य कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत सराहनीय काम कर रहे हैं. इन राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस हैं, जिनको शेयर करना जरूरी है. मुझे विश्वास है कि हर राज्य अपने अनुभव और अपने सुझाव, यहां खुले मन से रखेंगे. जिससे आने वाले दिनों में एक बेहतर रणनीति बनाने में हम सभी को मदद मिलेगी.’

.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा -गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी मजदूरों को मिलेगा रोजगार

इस अभियान से जुड़ी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को मीडिया को जानकारी दी. वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि हम 125 दिनों के भीतर सरकार की लगभग 25 योजनाओं को 116 जिलों तक पहुंचाएंगे.
Informative

You May Like