प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:- इच्छाशक्ति हमारी बहुत बड़ी और मजबूत ताकत है

Ashu Yadav

पीएम मोदी ने कहा है कि यह समय अवसर को पहचानने का है और खुद को आज़माने का है और साथ ही नई बुलंदियों की ओर जाने का भी है और अगर यह सबसे बड़ा संकट है तो हमें इससे सबसे बड़ी सीख लेते हुए, इसका पूरा लाभ भी उठाना चाहिए. जीईएम प्लेटफॉर्म पर छोटे-छोटे सेल्फ हेल्प ग्रुप, MSMEs, सीधे भारत सरकार को अपने सामान और अपनी सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं.

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नरेंद्र मोदी ने ICC के सालाना कार्यक्रम को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि गुरुवार को सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के 95 वें सालाना कार्यक्रम को संबोधित किया है.इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स(आईसीसी)ने 1925 में अपने गठन के बाद से आजादी की लड़ाई को देखा है फिर चाहे वो विभाजन हो, भीषण अकाल हो या कोई अन्य संकट हो.आईसीसी ने 95 वर्षों से निरंतर देश की सेवा की है और किसी भी संगठन के लिए यह बहुत बड़ी बात है.पीएम मोदी ने कहा कि आईसीसी ने पूर्वी भारत के लिए जो काम किया है, वह भी महत्वपूर्ण हैं. इस बार की एजीएम ऐसे समय में हो रही है, जब देश कई सारी चुनौतियों से लड़ रहा है.

मुसीबत की एक ही दवाई- मजबूती

पीएम मोदी ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हमारी बहुत बड़ी ताकत हमारी इच्छाशक्ति है और मुसीबत की एक ही दवाई है, वह मजबूती है. इस समय आईसीसी के सदस्यों के चेहरे पर और करोड़ों देशवासियों के चेहरे पर मैं एक नया विश्वास और आशा देख सकता हूं और पूरा देश इस संकल्प से भरा हुआ है कि इस आपदा को अवसर में बदलना है कि इस आपदा को अवसर में बदलना है और इसे हमें एक बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट भी बनाना है और यह टर्निंग प्वाइंट है-देश को आत्मनिर्भर बनना.

देश को बनाना है आत्मनिर्भर

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आत्मनिर्भरता का भाव बरसों से हर भारतीय ने एक आकांक्षा की तरह जिया है, लेकिन फिर भी एक बड़ा काश हर भारतीय के मन में और मस्तिष्क में है.आज हर भारतीय के जेहन में यह सवाल होगा कि काश हम मेडिकल उपकरण बनाने के क्षेत्र मे आत्मनिर्भर हो जाएं, काश हम कोयला और खनिज सेक्टर में आत्मनिर्भर हो जाएं, काश हम खाने के तेल के उत्पादन में आगे बढ़े,फर्टिलाइजर के उत्पादन में काश भारत आत्मनिर्भर बन जाए, इलेक्ट्रॉनिक मैनिफैक्चर के क्षेत्र में काश भारत आत्मनिर्भर हो जाए,सोलर पैनल, बैट्री और चिप्स के निर्माण में भारत अपना पताका लहराए और उड्यन के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बने तभी तो हम आगे बढ़ेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे कितने काश हमेशा से हर भारतीय को झकझोरते रहे हैं.

इसकी बहुत बड़ी वजह यह रही है कि बीते 5-6 वर्षों में भारत की आत्मनिर्भरता का लक्ष्य सर्वोपरि रहा है.हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर है, वो भारत में ही कैसे बने और भविष्य में उन्हीं उत्पादों का भारत निर्यातक कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है.

लोकल के लिए वोकल बनें

पीएम ने कहा कि ‘हम छोटे-छोटे व्यापार करने वाले लोगों से केवल चीज ही नहीं खरीदते, पैसे ही नहीं देते, उनके परिश्रम को पुरुस्कृत करते हैं, उनका मान-सम्मान बढ़ाते हैं.हमें इस बात का अंदाजा भी नहीं होता कि इससे उनके दिल पर कितना प्रभाव पड़ता है, वो कितना गर्व महसूस करते हैं.

मन के हारे हार, मन के जीते जीत

मोदी ने कहा, ‘तमाम संकट हम सभी एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं और कभी-कभी समय भी हमें परखता है.हमने यह भी अनुभव किया है कि ऐसी कसौटी में भी हमारा संकल्प उज्जवल भविष्य की गारंटी लेकर आता है. मन के हारे हार, मन के जीते जीत, यानी हमारी इच्छाशक्ति ही हमारा आगे का मार्ग तय करती है और जो पहले ही हार मान लेता है, उसके सामने नए अवसर दूर-दूर तक नजर नहीं आते हैं,वहीं जो एक-दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़ता है, उसके लिए नए अवसर बहुत ज्यादा आते हैं.

एग्रीकल्चर और किसानों को वर्षों की गुलामी से किया मुक्त

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो निर्णय हाल में हुए हैं उन्होंने एग्रीकल्चर को वर्षों की गुलामी से मुक्त कर दिया है और किसानों को अपने उत्पाद, अपनी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आज़ादी मिल गई है.लोकल उत्पाद के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें सभी के लिए अवसर मौजूद हैं और जिन जिलों में, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे.

मोदी ने कहा, कोलकाता में फिर से एक बहुत बड़ा लीडर बन सकता है और भविष्य में ईस्ट इंडिया का नेतृत्व कर सकता है- व्हाट बंगाल थिंक टुडे, इंडिया थिंक टुमारो…”

पीएम ने कहा, LED बल्ब के इस्तेमाल से 19,000 करोड़ की बचत हुई है.गरीब, मध्यम वर्ग और प्लानेट को भी फायदा हुआ है. 4 करोड़ सीओटू का इस्तेमाल कम हुआ है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान में एक और मुहिम अभी चल रही है- मुल्क को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से अज़ाद करने की.इसमें ‘People, Planet और Profit’ तीनों ही शामिल है और खासकर बंगाल के लिए तो ये बहुत ही फायदेमंद है. इससे आपके यहां जूट का कारोबार बढ़ने के इम्कानात में इज़ाफा है.

लोगों तक पहुंच रही बैंकिंग सेवाएं

मोदी ने कहा, ‘अब देश में बैंकिंग सर्विस का दायरा सभी पिछड़े लोगों तक पहुंच रहा है और DBT, JAM यानी जनधन, आधार व मोबाइल के माध्यम से बिना लीकेज के करोड़ों लाभार्थियों तक जरूरी सहायता पहुंचाना भी संभव हुआ है. जीईएम प्लेटफॉर्म पर छोटे-छोटे सेल्फ हेल्प ग्रुप, MSMEs, सीधे भारत सरकार को अपने सामान और अपनी सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं.

अवसर को पहचानने का समय

पीएम मोदी ने कहा है कि यह समय अवसर को पहचानने का है और खुद को आज़माने का है और साथ ही नई बुलंदियों की ओर जाने का भी है और अगर यह सबसे बड़ा संकट है तो हमें इससे सबसे बड़ी सीख लेते हुए, इसका पूरा लाभ भी उठाना चाहिए.

टैगौर की कविता से भरा जोश

पीएम मोदी ने कहा, ‘गुरुवर टैगौर ने अपनी कविता ‘नूतोन जुगेर भोर’ में कहा है-“चोलाय चोलाय बाजबे जोयेर मेरी,पाएर बेगेई पोथ केटे जाय कोरिश ना आर देरी” अर्थात हर आगे बढ़ने वाले कदम पर घोषनाद होगा,लेकिन दौड़ते पाँव ही नया रास्ता बना देंगे बस अब देरी मत करो.

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