अमेरिका के खिलाफ छिड़ी जंग, ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक में तेज किए हमले

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बगदाद। अमेरिका के सैन्य ठिकानों के साथ ही उसके वो तमाम सुरक्षित ठिकाने ईरान समर्थित मिलिशिया के निशाने पर आ गए हैं, जो भी इराक के अंदर मौजूद हैं। भले ही वो अति सुरक्षित ग्रीन जोन इलाके का अमेरिकी दूतावास ही क्यों हो। जी हां, इराक के अंदर अमेरिका के कई ठिकानों पर रॉकेट हमले किए गए हैं। यही नहीं, इराकी मिलिशिया से जुड़े लड़ाकों ने इराक सरकार को ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास से 1 किमी दूर ही रहने को कहा है। इस बीच इराक में कम से कम 9 ठिकानों पर हमले किए गये, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

इस बीच इरान समर्थक मिलिशिया ने ऐलान किया है कि वो अब अमेरिकी सेनाओं को निशाना बनाएंगे।

क्या ये ईरान का बदला है?

ये हमले ईरान के कुद्स फोर्स के मुखिया कासिम सुलेमानी के अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने क्या बाद तेज हो गए। बता दें मेरिका पिछले कई दिनों से इन्हें निशाना बनाने की ताक में था। दरअसल, इराक के अंदर हाल में शुरु हुए सबसे बड़े बवाल के पीछे यही तीन लोग मजबूत रणनीतिकार के तौर पर खड़े थे। जिसकी शुरुआत अमेरिकी कॉन्ट्रैक्टर की हत्या से हुई थी। इस हत्या के पीछे अमेरिका ने कताइब हिज़्बुल्लाह और ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कताइब हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की थी, जिसमें 25 लड़ाके ढेर हो गए थे। इसके बाद इराक की राजधानी बगदाद में शिया मिलिशिया से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए थे और बगदाद के अति सुरक्षित इलाके ग्रीन जोन (जहां दूसरे देशों से दूतावास हैं और आम लोगों की बिना वजह आवाजाही पर रोक है) में घुस गए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के सामने खाली पड़े चेक पोस्टों में आग लगा थी और दीवार फांदकर दूतावास के अंदर घुसने की कोशिश भी की थी। इन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने गोलीबारी भी की थी। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए इराक में 750 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी थी और दूतावास को पूरी तरह से बंद कर दिया था।

कौन थे मेजर जनरल कासिम सुलेमानी?

सुलेमानी की हत्या की खबर से ईरान स्तब्ध

ईरान के इंटरनेशनल आर्म्ड फोर्स कुद्स फोर्स के हेड के तौर पर कासिम सुलेमानी को ईरान का संभावित राष्ट्रपति माना जा रहा था। वो मध्य पूर्व के देशों में चल रहे ईरानी ऑपरेशन के मुख्य रणनीतिकार और सबसे बड़े कमांडर थे, जिनकी रिपोर्टिंग ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता और राष्ट्रपति अायतोल्लाह अली खामनेई के पास थी। वो सिर्फ खामनेई को ही रिपोर्ट करते थे और उन्हें ईरान की सीमाओं के बाहर असीमित सैन्य ताकत मिली हुई थी। मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की पहचान ईरान में एक बेहद बहादुर और बेखौफ लड़ाके की थी।

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