मोहसीन खान वाले प्राइम न्यूज की पूर्व कर्मचारी ने की केंद्र से शिकायत, संस्थान की मुश्किलें बढ़ना तय

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कोरोना काल में कुछ ऐसे संस्थान हैं जो रिजाइन करके जाने वाले अपने मीडियाकर्मियों का तीन-तीन माह का वेतन अपने बाप की बपौती समझकर रख लेते हैं। इनमें से एक नाम है साधना मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के चैनल प्राइम न्यूज का जिसका पता है, सी ए-110, सेक्टर 63 नोएडा। इसके मालिक मोहसीन खान और मरूफ खान हैं।

यहां के एचआर मनीष निरूला बिना पेंदी के लोटे की तरह कर्मचारी और मालिकान के बीच पिसते रहते हैं। इनके पास सैलरी से जुड़े कर्मचारी के सवाल पर सिर्फ एक ही उत्तर रहता है, वह है- ‘अगले सप्ताह सैलरी मिलेगी’। हालांकि वह सप्ताह कब आएगा, यह खुद बेचारे एचआर को ही नहीं मालूम होता। वहीं कंपनी के डॉयरेक्टर मोहसीन खान कर्मचारियों से जुडे सवाल पर कर्मचारी को एचआर से बात करने की सलाह देते हैं।

मार्च 2020, अप्रैल 2020 और मई 2020 का वेतन जब मुझे नहीं दिया गया तो मैंने 4 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में लिखा कि तीन महीने का वेतन ना मिल पाने की वजह से मेरे पास इतने पैसे नहीं बचे हैं कि मैं बाइक में पेट्रोल डालकर कार्यालय आना जाना कर सकूं। इस्तीफा देते समय मुझे एचआर मनीष द्वारा कहा गया कि जब सबको मार्च की सैलरी मिलेगी तो आपको भी मिलेगी, जब अप्रैल की मिलेगी तो आपको भी मिलेगी और जब सबको मई की मिलेगी तो आपको भी मिलेगी।

मैं वापस अपने घर चला आया। 15 जून को सभी को मार्च 2020 की सैलरी मिली। खबर मुझ तक पहुंची तो मैं 19 जून को अपना वेतन मांगने के लिए प्राइम न्यूज के कार्यालय पहुंचा। वहां एचआर मनीष द्वारा मेरे खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और तमाम प्रकार की गीदड़भभकी दी गई। मैंने मामले में नोएडा फेस 3 थाने में अर्जी दी।

दूसरी तरफ, अब मेरे न्याय की लड़ाई में श्रम मंत्रालय भारत सरकार, ईपीएफओ विभाग और लेबर कमिश्नर भी साथ देने के लिए आगे आ रहे हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से मेरे द्वारा दिए गए शिकायत पत्र का संज्ञान लिया गया है।

साधना मीडिया नेटवर्क प्रा. लि. वाली प्राइम न्यूज के मालिकान वैसे तो आपराधिक किस्म के हैं लेकिन मैं गीदड़ों की गीदड़भभकी से बिल्कुल नहीं डरूंगा। मुझे लेबर कमिश्नर और श्रम मंत्रालय भारत सरकार, नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल वाई पर पूरा भरोसा है लेकिन अगर यहां से भी मुझे न्याय नहीं मिलता है तो मैं जल्द ही इस ब्लैकमेलिया और चंपूगिरी करने वाले चैनल के खिलाफ रिकवरी सूट फाइल करूंगा।

प्राइम न्यूज में मैं अकेला ही पीडित नहीं हूं। पीड़ित बहुत से हैं लेकिन अपने भविष्य को देखते हुए कोई कर्मचारी आवाज नहीं उठाता। यही कारण है कि प्राइम न्यूज और मोहिसीन खान व मरूफ खान दूसरों के हक का पैसा अब तक हड़पते रहते हैं। यहां ना तो पीएफ काटा जाता है ना ईएसआई और ना ही किसी को वेतन एकाउंट में दिए जाते हैं। बस बहानेबाजी की जाती है कि संस्थान सैलरी एकाउंट जब खुलवाएगा तब कर्मचारी का वेतन एकाउंट में दिया जाएगा। तबतक कैश दिया जाएगा। पीएफ ईएसआई के नाम पर वेतन से डिडक्शन कर लिया जाता है लेकिन उसे पीएफ एकाउंट में जमा नहीं किया जाता।

बहरहाल, अब इनकी हिस्ट्री खासकर पीएफ ईएसआई की खुलेगी। मैं प्राइम न्यूज और इसके मालिकों को कानून, न्यायालय की ताकत का पूरा एहसास कराऊंगा। चाहे मुझे जितनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़े। साथ ही मैं पूर्व कर्मचारियों से भी अपील करूंगा कि वह भी अपनी लड़ाई लड़ें, अपने अधिकार को ना छोड़ें, आप अपने मेहनत के पैसे लें। आप लड़ाई नहीं लड़ते यही कारण है कि साधना मीडिया नेटवर्क प्रा. लि. व प्राइम न्यूज आपके पैसे खा जाता है और नए नए चेहरे लाकर अपना चैनल चलाता रहता है।

वैसे भी प्राइम न्यूज का इतिहास रहा है कि वह अपने कर्मचारियों का कम से कम एक माह का वेतन हड़प कर ही लेता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला। गलती से प्राइम न्यूज ने एक जुझारू कर्मचारी का सेलेक्शन कर लिया था।

शैलैंद्र शुक्ल
टीवी पत्रकार
नोएडा
journalistak1988@gmail.com

 

समाचार साभार: भड़ास4मीडिया

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