इराक में पीछे नहीं हटेगा अमेरिका, विद्रोहियों से निपटने को भेज दी सेना

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बगदाद/वाशिंगटन डीसी। अमेरिका ने इराक में बढ़ रहे विद्रोह से निपटने की घोषणा की है। अमेरिका ने कहा है कि वो इराक में पीछे नहीं हटेगा, बल्कि अमेरिकी दूतावास के आसपास दिखने वाले विद्रोहियों से सख्ती से निपटेगा। और इसके लिए जरूरी सैनिकों की वो आपातकालीन तैनाती कर रहा है। इसलिए अमेरिका ने 750 सैनिकों के दस्ते को तुरंत इराक के लिए रवाना कर दिया है। ये सभी सैनिक बगदाद के ग्रीन जोन में स्थित अमेरिकी दूतावास की रक्षा करेंगे।

Donald Trump warns Iran after Iraqi protesters storm US embassy in Baghdad, US will stand against all threats
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इराक में क्या हो रहा है?

 

इराक में पिछले कुछ दिनों से अमेरिका विरोधी लहर तेज हो गई है। दरअसल, अमेरिका ने अपने एक नागरिक की हत्या के विरोध में इराकी हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की थी। इस बमबारी में 25 से अधिक विद्रोहियों की मौत हो गई थी। ये विद्रोही ताकतवर शिया मिलिशिया से संबंध रखते हैं और इन्हें ईरान से मदद मिलती है।

 

इसके बाद क्या हुआ?

 

अमेरिकी हमले के विरोध में शिया समुदाय और शिया मिलिशिया से जुड़े लोगों ने पूरे बगदाद में विरोध प्रदर्शन किया और उन्होंने ग्रीन जोन में प्रवेश करते हुए अमेरिकी दूतावास का घेरा डाल दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सुरक्षा चौकियों में आग लगा दी थी, जिन्हें हटाने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने मोर्टार के गोले भी दागे थे। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने बदलने की कार्रवाई की धमकी दी थी।

 

अमेरिका ने क्या कहा?

 

अमेरिका ने बगदाद में दूतावास की घेरेबंदी का जोरदार विरोध किया। अमेरिका ने इन प्रदर्शनों और हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया और कहा कि इसके लिए ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका ने कहा कि ईरान की वजह से इराक में उसके हित प्रभावित हो रहे हैं। और इसके लिए ईरान को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

 

अमेरिका ने क्या कदम उठाए?

 

अमेरिका ने इन प्रदर्शनों से निपटने के लिए तुरंत ही 750 सैनिकों की टुकड़ी को बगदाद के लिए रवाना कर दिया है। ये सैनिक पूरे ग्रीन जोन की रखवाली तो करेंगे ही, साथ ही अमेरिकी दूतावास की तरफ बढ़ते हर कदम को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। भले ही इसके लिए उन्हें भारी गोलीबारी न करना पड़े।

क्यों डरा अमेरिका?

 

अमेरिका कुछ दशक पहले ईरान में अमेरिकी दूतावास पर हमले को भूला नहीं है। उस हमल में कई अमेरिकी नागरिकों और राजनयिकों की मौत हो गई थी। लेकिन उससे पहले सभी को दो से तीन महीनों तक बंधक रहना पड़ा था। उन्हें छुड़ाने के लिए अमेरिका ने कमांडो ऑपरेशन भी चलाए थे, लेकिन इसमें वो असफल रहा था।

 

क्या बगदाद से दूतावास हटाएगा अमेरिका?

 

अमेरिका ने इस बारे में एक बयान जारी करते हुए कहा कि वो इन विद्रोहियों से निपटने में सक्षम है। उसने साफ कह दिया है कि बगदाद के ग्रीन जोन से अमेरिकी दूतावास को हटाने की उसकी कोई योजना नहीं है।

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