शराब के बाद अब मीट-मांस प्रदेश बनेगा उत्तराखंड, सरकार कटवाएगी भेड़-बकरियां

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड कुछ समय पहले ही शराब भूमि बनी है और अब इसे मीट-मांस भूमि बनाने की ओर सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। जी हां, उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए कहा है कि अब सरकार ‘हिमालयन चेवन’ ब्रांड नाम से बकरों का मीट बेचेगी और बाकायदा सरकार ने इस बाबत रजिस्ट्रेशन भी करा दिया है।

 

पशुपालन विभाग की सेक्रेटरी मीनाक्षी सुंदरम ने बातचीत में बताया कि सरकार इस काम को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस बारे में ब्रांड का रजिस्ट्रेशन इसीलिए कराया है, ताकि हिमालयन नाम के साथ अलग ब्रांड बनाया जा सके। इस ब्रांड के तहत पूरे देश में मीट-मांस बेचा जाएगा, जिससे उत्तराखण्ड सरकार की आमदनी बढ़ेगी।

 

सुंदरम ने कहा कि अगले चार महीनों में काशीपुर में अबतक के सबसे बड़े स्लॉटर हाउस में काम शुरु हो जाएगा। और अगले साल तक उधमसिंह नगर में नया स्लॉटर हाउस बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए 10 हजार बकरी पालकों की पहचान की जा रही है, जिसमें करीब 8 हजार महिलाएं होंगी और उनके पूरे परिवार को इससे रोजगार मिलेगा।

 

सरकार की योजना इस पर तेजी से काम करने की है, जिसके लिए वो राजस्थान और पश्चिम बंगाल से भी बकरियां मंगाने पर विचार कर रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

 

इस पूरे प्रोजेक्ट को देखते हुए एक बात तो साफ है कि जो देवभूमि अपनी पवित्रता और मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखती है। अब उसकी पहचान पूरी दुनिया में शराब और मांस के लिए बनने जा रही है।

 

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